शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

आजीविका (कैरियर) का चुनाव कैसे करें! (How to choose a career)


प्रायः शिक्षा समाप्त करते ही लोग आजीविका (कैरियर – career) की तलाश में जुट जाते हैं। नये लोगों के लिये आजीविका (कैरियर – career) का चुनाव करना एक बड़ी समस्या के रूप में उभर कर आती है। वास्तव में देखा जाये तो पूर्व में हमारे देश में अध्ययन किये गये विषय और प्राप्त नौकरी में अधिकतर किसी प्रकार का सम्बन्ध दिखाई नहीं देता था। जो व्यक्ति भौतिक शास्त्र (Physics), रसायन शास्त्र (Chemistry), गणित (Maths) आदि का अध्ययन करता था वही व्यक्ति बैंक में नौकरी लग कर अकाउन्टिंग (Accounting) का काम करने लगता था। किन्तु अब समय बदल गया है और वर्तमान पीढ़ी आजीविका (कैरियर – career) के चुनाव के प्रति जागरूक हो गई है।
आजीविका (कैरियर – career) का चुनाव करने के लिये स्वयं की रुचि (interest), व्यक्तित्व (personality), पूर्व में किये गये अध्ययन के विषय, कार्य सम्बन्धित मान्यताएँ तथा मान (work-related values) आदि अनेक बातों का ध्यान रखा जाना चाहिये।
किसी भी आजीविका (कैरियर – career) का चुनाव अत्यन्त सोच-समझ कर ही करना बहुत आवश्यक है वरना बाद में पछताना पड़ सकता है। किसी भी निश्चय पर पहुँचने के पहले स्वयं का आकलन (self-assessment) कर लेना बहुत अच्छा होता है। साथ ही जिस आजीविका (कैरियर – career) को हम अपनाना चाहते हैं उसका आकलन (जैसे कि वर्तमान में तो यह आजीविका (कैरियर – career) तो बहुत अच्छी है किन्तु इसका भविष्य क्या है, क्या यह आजीविका (कैरियर – career) मेरी समस्त या अधिकतम आकांक्षाओं को पूर्ण कर पायेगी आदि) कर लेना भी अति आवश्यक है।
दुर्भाग्य से हमारे शिक्षण संस्थाओं में आजीविका (कैरियर – career) के चुनाव वाले किसी प्रकार के विषय नहीं होते और इसी कारण से अधिकतर लोग गलत फैसला कर लेते हैं जिसका परिणाम बाद में पछताना ही होता है। अतः किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने के पहले हर पहलू पर गम्भीरता पूर्वक विचार कर लेना बहुत जरूरी है।
स्वयं का आकलन करने के लिये निम्न बिंदुओं पर अवश्य ही ध्यान दें:
  • मान (Values): इसके अन्तर्गत वे वस्तुएँ आती हैं जिनका महत्व आपकी नजरों में बहुत अधिक होता है, जैसे कि उपलब्धियाँ (achievement), प्रतिष्ठा (status), स्वत्व (autonomy) आदि।
  • रुचियाँ (Interests): इसके अन्तर्गत आपको आनन्द प्रदान करने वाली वस्तुएँ आती हैं, जैसे कि मित्रों के साथ लिप्त रहना (hanging out with friends), क्रिकेट खेलना (playing cricket), नाटक में अभिनय करना (taking part in drama) आदि।
  • व्यक्तित्व (Personality): अलग अलग लोगों का अलग अलग व्यक्तित्व होता है जो उनकी विलक्षणता (traits), आवश्यकता (needs), रवैया (attitudes), व्यवहार (behaviour) आदि का निर्माण करती हैं।
  • अहर्ताएँ (skills): अलग अलग व्यक्तियों की अहर्ताएँ या योग्यताएँ (skills) भी अलग अलग होती हैं जैसे कि किसी को लेखन कार्य (writing) में आनन्द आता है तो किसी को शिक्षण कार्य (teaching) या फिर किसी को कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग में।
उपरोक्त सभी बातें आप स्वयं का प्रतिनिधित्व करते हैं अतः आजीविका (कैरियर – career) का चुनाव करते समय इनका समावेश होना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

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